Right >>  HOBBYSHOBBY QUIZZES  << Wrong 

होली का त्यौहार


Click any drop-down box below to see & select the possible answers

प्रहलाद एक प्रसिद्द असुर राजा के पुत्र थे।
हिरन्याकाशिपू का राज काल एक का प्रतीक था।
हिरन्याकाशिपू के राजकाल में भगवान् की पूजा के लिए संपूर्ण थी।
हिरन्याकाशिपू चाहते थे कि उनकी प्रजा उन्हीं को माने।
उनकी प्रजा का प्रत्येक व्यक्ति हिरन्याकाशिपू से बहुत था अथवा उस से करता था परन्तु कोई भी उनसे करने का साहस नहीं कर सकता था।
कुछ समय के पश्चात हिरन्याकाशिपू के पुत्र प्रहलाद ही ने अपने पिता की का विद्रोह किया और खुले आम वो भगवान् विष्णू की करने लगा।
यह देख कर हिरन्याकाशिपू बहुत हुआ और एक दिन उन्होंने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को अपनी में बिठा कर आग में बैठ जाए।
वो जानते थे कि होलिका को ये मिला हुआ है कि आग उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती व प्रहलाद अवश्य आग में हो जाएगा।
होलिका ने तो अपने भ्राता राजा हिरन्याकाशिपू की तो करना ही था और उसने येही किया भी।
परन्तु सभी रह गये ये देख कर कि होलिका तो जल कर भस्म हो गयी और प्रहलाद को नहीं हुआ।
ये की पर जीत थी और होली का त्यौहार इसी जीत की खुशी में ही मनाया जाता है।
यह त्यौहार पुराने को दूर करने के लिए प्रसिद्द है।